समृद्ध जन कल्याण स्वस्थ्य सहायता योजना

समृद्ध जन कल्याण स्वस्थ्य सहायता योजना का प्रारंभ

पिछले समय में सरकार ने या तो राज्‍य स्‍तर या राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चुने हुए लाभार्थियों को स्‍वास्‍थ्‍य बीमा कवर प्रदान करने का प्रयास किया है। जबकि, इनमें से अधिकांश योजनाएं अपने वांछित उद्देश्‍य पूरे करने में सक्षम नहीं रही थी। आम तौर पर ये इन योजनाओं की डिजाइन और / या कार्यान्‍वयन के मुद्दे थे। इस पृष्‍ठभूमि को ध्‍यान में रखते हुए, युवा सह महिला समाज कल्याण संस्थान ने एक ऐसी स्‍वास्‍थ्‍य सहायता योजना तैयार की जिसमें ना केवल पिछले योजनाओं की कमियों को दूर किया गया, बल्कि इससे एक कदम आगे जाकर एक विश्‍व स्‍तरीय मॉडल प्रदान किया गया। मौजूदा और पूर्व स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजनाओं की एक आलोचनात्‍मक समीक्षा की गई और इनकी उत्तम प्रथाओं से प्राप्‍त उद्देश्यों और ग‍लतियों से सबक लिया गया। इन सभी को विचार में लेकर और समान व्‍यवस्‍थाओं में विश्‍व के स्‍वास्‍थ्‍य सहायता के अन्‍य सफल मॉडलों की समीक्षा के बाद समृद्ध जन कल्याण स्वास्थ्य सहायता योजना को डिजाइन किया गया। इसे 15 नवम्ब 2020 से आरंभ किया गया है।

एस जे के स्व स - योजना
एस जे के स्व स युवा सह महिला समाज कल्याण संस्थान द्वारा बिहार तथा झारखण्ड में रहने वाले परिवारों को स्‍वास्‍थ्‍य सहायत प्रदान करने हेतु आरंभ की गई है। एस जे के स्व स का उद्देश्‍य स्‍वास्‍थ्‍य आघातों से उत्‍पन्‍न वित्तीय देयताओं से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को सुरक्षा प्रदान करना है, जिसमें अस्‍पताल में भर्ती करना शामिल है।

योग्‍यताएं
• असंगठित क्षेत्र के कामगार जो बीपीएल/एपीएल श्रेणी में आते हैं और उनके परिवार के सदस्‍य (पांच सदस्‍यों की परिवार इकाई) को योजना के तहत् लाभ मिलेंगे।
• कार्यान्‍वयन एजेंसियों की जिम्‍मदारी होगी कि वे असंगठित क्षेत्र के कामगारों और उनके परिवार के सदस्‍यों की योग्‍यता का सत्‍यापन करें, जिन्‍हें योजना के तहत् लाभ मिलने का प्रस्‍ताव है।
• लाभार्थियों को पहचान के उद्देश्‍य के लिए एक यूनिक आईडी जारी किए जाएंगेा

लाभ
लाभार्थियों को उक्‍त आंतरिक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल एवं सहायता लाभों की पात्रता होगी जिन्‍हें लोगों / भौगोलिक क्षेत्र की आवश्‍यकता के आधार पर संबंधित संगठन द्वारा तैयार किया जाएगा। जबकि, पैकेज / योजना में निम्‍नलिखित न्‍यूनतम लाभों को शामिल करने की सलाह दी गई है :
• असंगठित क्षेत्र के कामगार और उनके परिवार (पांच की इकाई) शामिल किए जाएंगे।
• प्रति परिवार प्रति वर्ष पारिवारिक फ्लोटर आधार पर कुल सहायता राशि अधिकतम 50,000/- रुपए होगी।
• सभी शामिल बीमारियों के लिए नकद रहित उपस्थिति।
• अस्‍पताल के व्‍यय, सभी सामान्‍य बीमारियों की देखभाल सहित कुछ निष्‍कासन संभव हैं।
• सभी पूर्व - मौजूद रोग शामिल किए जाएं।
• परिवहन लागत (प्रति विजिट अधिकतम 100 रुपए के साथ वास्‍तविक) के साथ 1000 रुपए की समग्र सीमा।

निधिकरण पैटर्न
• युवा सह महिला समाज कल्याण संस्थान द्वारा प्राप्त किया गया वार्षिक पंजीयन शुल्क 200 रूपए का 75 प्रतिशत राशी का खर्च संबंधित राज्‍य के लाभुको के सहायता में उपयोग किया जायेगा : वार्षिक प्रीमियम का 25 प्रतिशत और अन्‍य कोई अतिरिक्‍त प्रीमियम का व्यय अन्य सामाजिक कार्यो में किया जायेगा ।
• लाभार्थी को वार्षिक पंजीकरण / नवीकरण शुल्‍क के रूप में 200 रुपए का भुगतान किया जाएगा।
• योजना को लागू करने के लिए प्रशासनिक और अन्‍य संबंधित लागतों को संस्थान अपने अन्य रूप से प्राप्त दान से वहन करेगी ।

नामांकन प्रक्रिया

पंजीयन कर्ता गरीबी रेखा से निचे आने वाले परिवार के दरवाजे पे जा कर उनका जाच कर के उनका पंजीयन करना सुनिश्चित करेगे | पंजीयन करने हेतु परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड होना अनिवार्य है आधार कार्ड में दिए गए विवरण का मिलन पारिवारिक सदस्यों द्वारा करना अनिवार्य है अगर किसी प्रकार की त्रुटी बाद में होती है तो उसके लिए संस्थान जिमेवार नहीं होगी पंजीयन करने के बाद आवेदक के मोबाइल पे एक सन्देश प्राप्त होगा जिसमे आवेदक परिवार का यूनिक आईडी होगा जिसका प्रयोग आवेदक सहायता प्राप्त करने में करेगा पंजीयन शुल्क 200 रूपए पंजीयन कर्ता को कैश/इलेक्ट्रोनिक मनी ट्रान्सफर के द्वारा करना है जिसकी प्राप्ति रसीद आवेदक के मोबाइल पे संदेस के माध्यम से प्राप्त हो जायेगा

या आवेदक अपना पंजीकरण ऑनलाइन के माध्यम से भी कर सकता है इसके लिए आवेदक को www.samridhjankalyan.org पे जा कर नया पंजीकरण के माध्यम से आवेदक अपना पंजीकरण कर सकता है जिसका भुक्तान इ वॉलेट के माध्यम से ही हो पायेगा.

यूनिक आईडी
यूनिक आईडी अनेक गतिविधियों में इस्‍तेमाल किया जाता है, जैसे रोगी के बारे जानकारी प्राप्त करना यूनिक आईडी का सबसे महत्‍वपूर्ण कार्य यह है कि इससे नामिकाबद्ध अस्‍पतालों में नकद सहित लेनदेन की सक्षमता जानकारी अंकित की जाती है जिसके आवेदक को संस्था के द्वारा सहायता करने में आसानी होता है इसका लाभ युनिक आईडी कार्ड के माध्यम से बिहार तथा झारखण्ड में कहीं भी उठाए जा सकते हैं।

सेवा प्रदायगी

नामांकन के समय अस्‍पतालों की एक सूची (सार्वजनिक और निजी दोनों)(बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) प्रदान की जाएगी। स्‍मार्ट कार्ड के साथ एक हेल्‍प लाइन नंबर भी दिया जाएगा। अर्हकारी मानदण्‍डों के आधार पर सार्वजनिक और निजी, दोनों प्रकार के अस्‍पतालों को संस्थान द्वारा नामिकाबद्ध किया जाएगा। लाभार्थी के पास अपनी इच्‍छा अनुसार अस्‍पताल जाने का विकल्‍प होगा।

अस्‍पताल को भुगतान किये गए राशी को अपने यूनिक आईडी में अंकित करवाने के बाद ही आवेदक सहायता राशी के लिए ऑनलाइन आवेदन भर सकता है . आवेदक द्वारा भरे गए जानकारी के आधार पर संस्थान द्वारा इसकी जाँच करने के पश्चात सहायता राशी आवेदक के बैंक खाते में 7 दिनों के अंदर भेज दिया जायेया| इसकी कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं है संस्थान अपने दान के राशी में से भुक्तान करेगी यह आवेदक का दायित्‍व है कि वह संस्थान से इसका दावा करें।

एसजेकेस्वस की विशिष्‍ट बातें

एसजेकेस्वस योजना भारतीय बीमा कंपनियो के द्वारा दिए जाने वाले योजना से अलग है|



आरएसबीवाय योजना भारत सरकार द्वारा कम आय वाले कामगारों को स्‍वास्‍थ्‍य बीमा प्रदान करने का पहला प्रयास नहीं है। जबकि आरएसबीवाय योजना अनेक महत्‍वपूर्ण तरीकों से इन योजनाओं से भिन्‍न है।
  • लाभार्थी का सशक्‍तीकरण
  • एसजेकेस्वस द्वारा भाग लेने वाले गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को सार्वजनिक और निजी अस्‍पतालों के बीच विकल्‍प चुनने की स्‍वतंत्रता दी जाती है और वे इन योजनाओं के माध्‍यम से अस्‍पतालों को मिलने वाले महत्‍वपूर्ण राजस्‍व के संदर्भ में उन्‍हें एक संभावित ग्राहक बनाते हैं।
  • सभी पणधारियों के लिए व्‍यापार मॉडल
  • इस योजना को सामाजिक क्षेत्र योजना के लिए प्रत्‍येक पणधारी हेतु निर्मित प्रोत्‍साहनों के साथ एक व्‍यापार मॉडल के रूप में डिजाइन किया गया है। यह व्‍यापार मॉडल डिजाइन योजना के विस्‍तार तथा लंबी अवधि में इसके स्‍थायित्‍व के संदर्भ में प्रेरक है।
  • पंजीयन कर्ता
  • एसजेकेस्वस के लिए प्रत्‍येक परिवार के नामांकन के लिए बीमाकर्ता को भुगतान दिया जाता है। अत: पंजीयन कर्ता को गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली लोगों की सूची में से अधिक से अधिक घरों का नामांकन करने की प्रेरणा मिलती है। इसके परिणाम स्‍वरूप लक्षित लाभार्थियों का बेहतर कवरेज होगा।
  • अस्‍पताल
  • अस्‍पताल में बड़ी संख्‍या में लाभार्थियों को उपचार उपलब्‍ध कराने के लिए प्रोत्‍साहन दिया जाता है, क्‍योंकि यह उपचार पाने वाले प्रति लाभार्थी के अनुसार भुगतान किया जाता है। यहां तक कि सार्वजनिक अस्‍पतालों को एसजेकेस्वस के तहत् लाभार्थियों के उपचार के लिए प्रोत्‍साहन राशि दी जाती है, क्‍योंकि धन राशि पंजीयन कर्ता की ओर से सीधे आवेदक के खाते में दी जाएगी, जिसे वे अपने आर्थिक जीवन में इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके विपरीत बीमा कर्ता धोखा धड़ी या अनावश्‍यक प्रक्रियाओं की रोकथाम के लिए भाग लेने वाले अस्‍पतालों की निगरानी करते हैं ताकि अनावश्‍यक दावों की रोकथाम की जाए।
  • माध्‍यमिक
  • गैर सरकारी संगठनों और एमएफआई जैसे माध्‍यमिकों के समावेश से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को सहायता देने में अधिक लाभ मिलता है। माध्‍यमिकों को उन सेवाओं के लिए भुगतान दिया जाता है जो लाभार्थियों तक पहुंचती हैं।
  • सरकार
  • प्रति वर्ष प्रति परिवार केवल अधिकतम 200 रुपए के भुगतान से सरकार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली आबादी को गुणवत्ता पूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल तक पहुंच प्रदान कर सकती है। इससे सार्व‍जनिक और निजी प्रदाताओं के बीच एक स्‍वस्‍थ प्रतिस्‍पर्धा भी होगी, जिससे सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल प्रदाताओं की कार्यशैली में सुधार आएगा।
  • सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सघनता
  • प्रत्‍येक लाभार्थी परिवार को एक यूनिक आईडी दिया जाता है जिसके इस्तेमाल से आवेदन अपना लाभ प्राप्त कर सकता है
  • सुरक्षित और त्रुटि रहित
  • यूनिक आईडी कार्ड एक कुंजी प्रबंधन प्रणाली के उपयोग से यह योजना सुरक्षित और त्रुटि रहित बनती है। एसजेकेस्वस की कुंजी प्रबंधन प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि यूनिक आईडी केवल वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचे और इसमें यूनिक आईडी जारी करने तथा इसके उपयोग के संदर्भ में जवाबदेही बनी रहती हैं।
  • सुवाह्यता
  • समृद्ध जन कल्याण स्वस्थ्य सहायता योजना की मुख्य विशेषता यह है कि जिन्‍हें एक विशेष जिले में नामांकित किया गया है वे पूरे भारत में किसी भी एसजेकेस्वस नामांकिबद्ध अस्‍पतालों में अपने यूनिक आईडी का उपयोग कर सकते हैं। इससे यह योजना बहुत अधिक विशिष्‍ट और उन गरीब परिवारों के लिए लाभकारी बन जाती है जो एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान की ओर जाते हैं। इन कार्डों को विभाजित करते हुए प्रवासी कामगारों के लिए अपने कवरेज के हिस्‍से का लाभ अलग से ले जाने की सुविधा भी मिलती है।
  • मजबूत निगरानी और मूल्यांकन
  • एसजेकेस्वस द्वारा एक मजबूत निगरानी और मूल्‍यांकन प्रणाली(बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं) का विकास किया गया है। एक विस्‍तृत बैक एण्‍ड डेटा प्रबंधन प्रणाली लाई गई है जो पूरे बिहार तथा झारखण्ड में किए जाने वाले लेन देन पर नजर रख सकती है और समय समय आवधिक रिपोर्ट प्रदान करती है। संस्थान द्वारा प्राप्‍त की गई और सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट की गई मूलभूत जानकारी से योजना में मध्‍यावधि सुधार की सुविधा मिलती है। यह डेटा और रिपोर्टों के प्रसार में बीमा कर्ताओं के साथ प्रतिस्‍पर्धा के दौरान और परिणाम स्‍वरूप निविदा प्रक्रिया में भी योगदान देती है।



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